शनिवार, 18 जुलाई 2009
दालों की तेजी से चना प्रभावित
मानसून की कमी से सभी दालों में आई तेजी ने चना को भी तेज बना रखा है !हालाँकि पिछले साल से इस बार की फसल ज्यादा है और स्टाक भी अच्छा है !पर अन्यदालों की तुलना में सबसे सस्ता होने के कारण इसकी खपत भी बढ़ी है आने वाले समय में और तेजी की सम्भावना मुझे दिखती है !कई राज्यों में स्टाक सीमा लगाने से इसकी तेजी में रूकावट आई है पर ये रूकावट लंबे समय तक रहेगी इसकी सम्भावना कम दिखती है !मेरे मन में जो बात ठीक लगती है उसे लिख देता हूँ इस आधार पर कोई अपना व्यापार ना करे व्यापार हमेशा अपने विवेक से ही करना होता है और सभी परिस्थ्तयों की विवेचना करके तेजी मंदी का निर्णय लेना होता है !
शुक्रवार, 17 जुलाई 2009
मैंने पहले वायदा बाजार ऐग्रीकोमोडिटी के बारे में कुल मिलाकर जो नजरिया बनता है उसे सार के रूप में लिखा !पर बाज़ार में रहने पर बाजार के अनुसार बात करनी ही होती है !गुआर की बिजाईअभी तक कम है लगभग २५% इसका कारन बारिस का कम होना है!अभी सावन मे जो बरसाते शुरू हुई है उससे उमीद बंधी है की निकट समय में बिजाई का रकबा बढेगा !अगर ठीक ठाक बिजाई हो जाती है तो अभी चल रहे १९०० के भावों के आस पास ही चलने का अनुमान है पर बारिश की कमी रहती है तो और तेजी आ सकती है फिलहाल बारिश और बिजाई की तरफ ध्यान रखना चाहिए और सटोरिया पर्वर्ती से बचना चाहिए !हाजिर माल लेकर आगे का बदला करना ही ठीक है !
मंगलवार, 14 जुलाई 2009
वायदा बाज़ार से भला नहीं
मैंने लंबे समय तक agri commodities पर कुछ नहीं लिखा है। इस छोटे वायदा बाज़ार में सटोरिया नाम की दसवीं ग्रह इस तरह हावी है कि बिजाई डिमांड सप्लाई कोई महत्व नहीं रखती। अलबत्ता बड़े सटोरिओं के दिमाग में क्या चल रहा है इसी बॉडी लैंग्वेज को पढ़ना महत्वपूर्ण हो गया है। मैंने हल्दी, जीरा, तेल, गुआर आदि में बेसिक महत्व के अलावा ही ज्यादा तेजी मंदी आती देखी है । कुल मिलाकर निष्कर्ष निकलता है कि बड़े सटोरिओं के आए-बाएँ देखना ही ज्यादा उचित है।
और इसके अलावा सरकारी घोषणा प्रभावित करती रहती है। चैनलों के माध्यम से स्टाप लॉस आदि के जो अंक दिए जाते हैं उनसे किसी का भला हुआ हो ऐसा दिखाई तो नहीं पड़ता।
और इसके अलावा सरकारी घोषणा प्रभावित करती रहती है। चैनलों के माध्यम से स्टाप लॉस आदि के जो अंक दिए जाते हैं उनसे किसी का भला हुआ हो ऐसा दिखाई तो नहीं पड़ता।
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