गुआर की बिजाई पूरी हो चुकी है इस बार राजस्थान में २७५० लाख हेक्टर में गुआर की बिजाई हुई है जो लछ्य से ५० लाख हेक्टर ज्यादा है पर पिछले साल की ३००० लाख हेक्टर की बुवाई से कम ही है अच्छी समय पर हुई बरसात और धूप ने फसल को जोरदार बना रखा है इस बार व्यापारिक अनुमानों के अनुसार १ करोड़ ५० लाख बोरी की पैदावार पुरे भारत मै आने की उमीद है ऐसे में इसकी तेजी मंदी आने वाली गम की विदेशी मांग पर निर्भर करेगी पिछले २०१० /२०११ की तरह यदि मांग रहती है तो इसमें मंदी नही है पर मांग मै जरा सी भी सुस्ती रही तो एक बार इन ऊँचे भावों से बाजार धड़ाम कर के गिर सकते है तो सभी विकल्प खुले रखते हुए आने वाले समय का इंतजार करके ही मानसिकता बनानी चाहिए और सटोरिये क्या सोच रहे है इसकी थाह लेते रहनी चाहिए
रविवार, 25 सितंबर 2011
शुक्रवार, 21 जनवरी 2011
ग्वार क्या महत्व रह गया है किसी विश्लेसन का
पिछले दिनों वायदा के बारे में प्रकाशित मेरे लेख को ब्लाग पर डाल दिया है !ग्वार की तेजी मंदी के बारे में अपने विचारों को रोके रखा लिखा नही ये ठीक ही रहा !मेरा मन ग्वार की फसल और डिमांड की तरफ ही ज्यादा रहा और उससे तेजी नही बन रही थी पर गत समय की तेजड़ियों और उनके विपरीत लोगो की कसरत देखे तो दोनों और से आरोप प्रत्यारोप मिडिया में लगे की फसल पर नियन्त्रण करने के प्रयास में बड़ी कम्पनिया लग गई है जाहिर है राजनेतिक जोर आजमेईस भी हुई, मार्जिन भी लगा ,भाव भी बढ़े ,लगातार भाव तेज भी हो रहे है ,फसल पर भी कब्जा हुआ है ,इन सब बातो के बाद क्या महत्व रह गया है किसी विश्लेसन का ? पुराणी बात याद आगई (करो बेटा फाटका ना घर का रहे ना घाट का )धोबी के कुते वाली बात हो गई !आगे बाजार देख रहे है ऊंट किस करवट बेठेगा !
शनिवार, 15 जनवरी 2011
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