मंगलवार, 4 अगस्त 2009

बरसात और कहावते राजस्थान मे

राजस्थान में बरसात को लेकर काफी कहावतें है कुछ एक बानगी ---तितर पंखी बादली ,विधवा काजल रेख --आ बरसे बा घर करे इमे मीन न मेख !--सावन पेली सूं न्वुं ,ना बदल ना बीज -हळ फाड़ इंधन करो ,उभा चाबो बिज !आसाडा धुर आठम ने ,चाँद सेवरा छाय-च्यार मास चूतो रहे ,जिउं भांडे रे राय !सावन में सूर्यो चले ,भादुडे पुरवाई -आसोजां पिछ्वा चले ,तो सातों धान सवाई !

1 टिप्पणी:

Godras ने कहा…

आपरी बरसात री कहावता चोखी लागी