शुक्रवार, 9 जुलाई 2010

ग्वार बारिश शुरू हुई तो बढ़ना शुरू

ग्वार बाजार अजीब तरह से चल रहा है बारिश शुरू हुई तो बढ़ना शुरू हो गया पिछले पांच दिनों मे १०% तेज हो गया और जुलाई २४३५ के भी उपर चला गया यानि वायदा मे २.७०%की तेजी आई जबकी हाजिर २३०७ पर ०.६१% मंदा था !इस तरह तो ग्वार को वायदा में चलते कम ही देखा है !हाँ मसाला वायदा जैसे हल्दी ,जीरा, कालीमिर्च आदी में ऐसा होता आया है !ग्वार की बिजाई के ५०%भाग मे बारिश हो चुकी है और मानसून का काफी समय बाकि है !आज कई जानकारों से बात की तो पाया की हल्दी की तरह कहीं ये वायदा भी परेशान नही करदे !चना पुरे साल सरकार के साथ रहा और महंगाई की हद से दूर रहा !

शुक्रवार, 23 अप्रैल 2010

सरसों बड़ी तेजी सम्भवना कम है

सरसों  की आमदनी बीकानेर मे २००० से २५०० बोरी के बीच चल रही है भाव २१०० से २२०० के आस पास चल रहे है यहाँ की सरसों में तेल की मात्रा ३७ से ३९ प्रतिशत आ रही है !इस बार नहरी फसल कमजोर है ये आवक कुओ की सिंचाई से होने वाले मॉल की है !बीकानेर साइड में फसल ३० प्रतिशत के लगभग है आमदनी को स्टॉकिस्ट ले रहें है मिल वालों को मिलिंग में फायदा नही है और हेजिंग में वेयरहौसों पर स्टाक लग रहा है !सरसों का बाई प्रोडक्ट खल की डिमांड अच्छी है खल को सोलवेंट प्लांट ले रहे है !आने वाले समय में सरसों में बड़ी तेजी  की सम्भवना कम है इसकी एक वजह तो सोयाबीन तेल का मंदा होना है जिससे इसकी खपत पर असर पड़ा है !अभी लग रहा स्टाक भी आने वाले समय में इसकी तेजी को रोक देगा फिर महंगाई के चलते सरकारी नजर भी तेजी आने नही देगी !

गुरुवार, 8 अप्रैल 2010

चना लिमिट से किसानो में रोष

चना की आमदनी बीकानेर में दस हजार बोरी से ज्यादा रोजाना हो रही है भाव २१०० मन्डी में नीलामी से बिक रहा है अभी तीन चार दिनों से व्यापारियों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है कारण राजस्थान सरकार की लगाई गई स्टाक लिमिट जो दाल दलहन मिलाकर १००० किवंटल है और एक महीने मॉल बेचना जरूरी १ अब इस आमदनी में केसे लोग चना ले कर रखेंगे और केसे इसका कारोबार करेंगे ?दस दिन से चर्चा है की किसानो की परेशानी मिटाने के लिए लिमिट बड़ी कर दी जाएगी पर अब तक तो कुछ हुआ नही आज तंग आकर किसानो ने मण्डी के गेट बंद कर दिए और नीलामी बंद करवा दी !बाद में पुलिस प्रसासन ने गेट खुलवाए !किसानो का कहना है की एक तो बिजली की कमी से चने की सिंचाई में कमी रहने से फसल कमजोर हुई उपर से लिमिट ने भाव कम कर रखे हैं सरकार को चाहिए की फसल के समय इस तरह बंदिस हटाये जिससे किसानो में रोष नही हो !लिमिट लगाते समय भी ना समझी से कई बार सरकार को फेर बदल करना पड़ा था और फजीहत भी हुई १अब तो कम से कम व्यवहारिक बात लागू करे !