शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2010

राजस्थान मे 115 लाख बोरी ग्वार आजायेगा

ग्वार की बिजाई होकर फसल कटाई का समय चल रहा है !इस बार राजस्थान मे 2843lakh हेक्टर मे ग्वार की बिजाई हुई जो एक तरह से रिकार्ड है अगस्त सिप्तम्बर मे जोरदार बरसात के होने से ग्वार का उत्पादन अच्छा होने की और जा रहा है !प्रति बीघा 1quntal का ओसत माने तो राजस्थान मे 115 लाख बोरी ग्वार आजायेगा जो एक अच्छी और रिकार्ड उपज होगी !साथ ही हरियाणा मे 20 लाख,गुजरात 3 लाख ,up ,mp ,पंजाब मिलाकर 2 लाख बोरी आने की सम्भावना है इस तरह कुल मिलाकर 140 लाख बोरी उत्पादन का अनुमान है !जहाँ तक खपत की बात है पिछले 2009 -2010 मे 2 लाख 12 हजार टनग्वारगम का निर्यात हुआ था और घरेलु खपत 50 हजार टन की थी इस तरह ये खपत 95 लाख बोरी की बनती है !उत्पादन और पिछला स्टाक देखे तो लागत कम और फसल काफी बड़ी है !ये सभी बाते मंदी की सूचक है !आज हाजिर बाजार मे ग्वार का भाव 2010 का आल पेड़ रहा तथा आमदनी कुल 10 हजार बोरी की थी ये धीरे -धीरे बढ़ेगी !     

शुक्रवार, 9 जुलाई 2010

ग्वार बारिश शुरू हुई तो बढ़ना शुरू

ग्वार बाजार अजीब तरह से चल रहा है बारिश शुरू हुई तो बढ़ना शुरू हो गया पिछले पांच दिनों मे १०% तेज हो गया और जुलाई २४३५ के भी उपर चला गया यानि वायदा मे २.७०%की तेजी आई जबकी हाजिर २३०७ पर ०.६१% मंदा था !इस तरह तो ग्वार को वायदा में चलते कम ही देखा है !हाँ मसाला वायदा जैसे हल्दी ,जीरा, कालीमिर्च आदी में ऐसा होता आया है !ग्वार की बिजाई के ५०%भाग मे बारिश हो चुकी है और मानसून का काफी समय बाकि है !आज कई जानकारों से बात की तो पाया की हल्दी की तरह कहीं ये वायदा भी परेशान नही करदे !चना पुरे साल सरकार के साथ रहा और महंगाई की हद से दूर रहा !

शुक्रवार, 23 अप्रैल 2010

सरसों बड़ी तेजी सम्भवना कम है

सरसों  की आमदनी बीकानेर मे २००० से २५०० बोरी के बीच चल रही है भाव २१०० से २२०० के आस पास चल रहे है यहाँ की सरसों में तेल की मात्रा ३७ से ३९ प्रतिशत आ रही है !इस बार नहरी फसल कमजोर है ये आवक कुओ की सिंचाई से होने वाले मॉल की है !बीकानेर साइड में फसल ३० प्रतिशत के लगभग है आमदनी को स्टॉकिस्ट ले रहें है मिल वालों को मिलिंग में फायदा नही है और हेजिंग में वेयरहौसों पर स्टाक लग रहा है !सरसों का बाई प्रोडक्ट खल की डिमांड अच्छी है खल को सोलवेंट प्लांट ले रहे है !आने वाले समय में सरसों में बड़ी तेजी  की सम्भवना कम है इसकी एक वजह तो सोयाबीन तेल का मंदा होना है जिससे इसकी खपत पर असर पड़ा है !अभी लग रहा स्टाक भी आने वाले समय में इसकी तेजी को रोक देगा फिर महंगाई के चलते सरकारी नजर भी तेजी आने नही देगी !